तुम्हारे मेरे बीच कोई ऐसा दरवाज़ा नहीं है
जिससे कहीं आया और जाया
जा सके
यहां सिर्फ एक विस्तृत फैला मैदान है
जिनके दरवाजे से
तुम्हारा जाना
दिखता नहीं है ..
महसूस होता है
एक गहरे सुनसान सन्नाटे सा...
तुम्हारा आना
किसी काठ के किवाड़ पर
खटखटाहट सा नहीं सुनाई देता
वो तो खनक उठता है मेरे दिल में
एहसास की दस्तक से
और मेरी धड़कन गा उठती है...
कोई आया धड़कन कहती है
लिली

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